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हरियाणा : पंचायती व शामलाती जमीन के लुटेरों का खेल अब खत्म, कब्जाधारियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

                                 विलेज ईरा की खबर का बड़ा असर, आखिरकार जागी सरकार

हर कब्जाधारी पर दर्ज होगी एफआईआर, छुड़वाए जाएंगे अवैध कब्जे  

  • पंचायत विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुधीर राजपाल ने सभी जिला उपायुक्तों को दिए सख्त आदेश
  • अब नहीं चलेगी सफेदपोशों की धौंस
  • कब्जाधारी चाहे सफेदपोश हों या उनके करीबी, यार-रिश्तेदार, सब पर होगी कार्रवाई
  • पंचायती जमीनों से छुड़वाए जाएंगे अवैध कब्जे, कब्जाधारियों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर  
  • हरियाणा सरकार ने 6 जनवरी को हाईकोर्ट में देना है अवैध कब्जों को छुड़वाए जाने व एफआईआर दर्ज करने का हिसाब
  • हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को तीन महीने में पंचायती व शामलाती जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के दिए थे निर्देश  
  • पंचायत विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुधीर राजपाल ने पंचायती जमीनों पर नाजायज कब्जों को लेकर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग


संदीप कम्बोज। विलेज ईरा
हिसार/चंडीगढ़।
हरियाणा में पंचायती, शामलाती व जोहड़ों की जमीन कब्जाने वाले जमीन के लुटेरों पर कार्रवाई के लिए हरियाणा सरकार ने हरी झंडी दे दी है। माननीय हाईकोर्ट के आदेशों के 82 दिन बाद सो-सो कर जागी सरकार ने यह सख्ती उस समय दिखाई है जब अगले सप्ताह यानि 6 जनवरी को पंचायती जमीनों से छुड़वाए गए अवैध कब्जों व कब्जाधारियों पर दर्ज की गई एफआईआर के संबंध में हाईकोर्ट में जवाब देना है। सरकार के पास  8 दिन का समय है, इन 6 दिनों में प्रदेश के हर गाँव की पंचायती व शामलाती जमीन से कब्जे कैसे छूटेंगे और कैसे इतने कब्जाधारियों पर एफआईआर दर्ज  होगी क्योंकि हरियाणा एक भी गाँव ऐसा नहीं है जहां ग्रामीणों ने पंचायती व शामलाती जमीनों पर अवैध कब्जे न कर रखे हों। (Preparation -o-clamp-down-on-illegal-occupiers-of-panchayat-lands-in-Haryana)माननीय पंजाअ एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को प्रदेश में पूरी तरह से लागू करवाने के लिए कल दिए आदेशों में हरियाणा सरकार की तरफ से उपायुक्तों को साफ-साफ आदेश दिए गए हैं कि गाँवों में पंचायती व शामलाती जमीन कब्जाने वाले हर कब्जाधारी पर एफआईआर दर्ज किए जाने के साथ-साथ अवैध कब्जा छुड़वाकर पंचायतों को सौंपा जाए। सरकार ने हाईकोर्ट के फैसेल का हवाला देते हुए साफ आदेश दिए हैं कि कब्जाधारी चाहे कोई भी हो चाहे कितना ही बड़ा रसूखदार हो, सबके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पंचायती जमीनों पर अवैध कब्जे के हाईकोर्ट के फैसले को प्रदेश मेंं लागू करवाने के लिए पंचायत विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुधीर राजपाल ने कल सभी उपायुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान सुधीर राजपाल ने सभी जिला उपायुक्तों को तुरंत प्रभाव से हर गाँव में पंचायती, शामलाती व जोहड़ों की जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के साथ-साथ कब्जाधारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करने के निर्देश दिए। कल मिले निर्देशों के बाद सभी जिला उपायुक्तों ने  अ अपने-अपने जिलों के जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों को कोर्ट के आदेशों को सख्ती से लागू करने की रूपरेखा बनाए जाने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पंचायती जमीन पर अवैध रुप से कब्जे किये हैं। उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करवाए जाएं और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी द्वारा इस तरह के नाजायज कब्जों के संबंध में जल्द से जल्द फैसले लिए जाएं। आगामी 6 जनवरी को कोर्ट के सामने जवाब दिया जाना है। ऐसे में जल्द से जल्द इस संबंध में अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट दी जाए।

8 दिन में पंचायती जमीनों से कैसे छूटेंगे अवैध कब्जे
पंचायती, शामलाती व जोहड़ों की जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को लेकर गत 6 अक्तूबर को माननीय हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को 3 माह का समय देते हुए सभी अवैध कब्जे छुड़वाने के साथ-साथ कब्जाधारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों को आज 81 दिन बीत चले हैं लेकिन अब तक पंचायती जमीनों पर अवैध कब्जे बरकरार हैं। जिला विकास एवं पंचायत विभाग इास मामले में बहुत सुस्त चाल चल रहा है।  कुछ जिलों में अब तक बहुत ही कम नाममात्र ही अवैध कब्जे हटाए गए हैं। अब इसके पीछे कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि अधिकतर कब्जाधारियों को सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त है। और यही नेता प्रशासन पर कार्रवाई न करने का दबाव बना रहे हैं।

पंचायत विभाग के गले की फांस बने हाईकोर्ट के आदेश
पंचायती जमीनों से अवैध कब्जे हटाना जिला विकास एवं पंचायत विभाग के गले की फांस बनता दिखाई दे राहा है । क्योंकि  पंचायती जमीन के ज्यादातर लुटेरे या तो सफेदपोश हैं, या उनके सगे-सं बंधी, यार-रिश्तेदार व चमचे। अब प ंचायत विभाग कोई एक्शन लेता है तो यही सफेदपोश उन पर दबाव बना सकते हैं। अब धर्मसंकट में फंस गए पंचायत विभाग के अधिकारी । हाईकोर्ट के आदेश मानें या नेता को खुश करें। हाईकोर्ट के आदेशों की अवेहलना करते हैं तो सवाल नौकरी का है और नेता जी के चहेते कब्जाधारियों पर कार्रवाई करते हैं तो नेता जी नाराज होते हैं। क्योंकि 90 फीसद से अधिक कब्जाधरियों को नेताओं का आशीर्वाद प्राप्त है।

विलेज ईरा के पास भी हैं पंचायती जमीन लुटेरों व उन्हें संरक्षण देने वाले सफेदपोशों के सबूत
बता दें कि विलेज ईरा ने भी पंचायती, शामलाती व जोहड़ों की जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले जमीन के लुटेरों के खिलाफ वृहद स्तर पर अभियान छेड़ा है। हमने अपने नवंबर माह के अंक में  'हरियाणा में 30 हजार एकड़ पंचायती जमीन  पर अवैध कब्जे' शीर्षक के साथ समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस समाचार में हमने बताया था कि किस तरह से हरियाणा के हर गाँव में पंचायती/शामलाती जमीन व जोहड़ों पर अवैध कब्जे किए गए हैं और इन अवैध कब्जाधारियों को नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। विलेज ईरा ने अपने अभियान में पाठकों से भी गााँवों में जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों संबंधित फोटो/वीडियो व उस कब्जे से जुड़े तमाम दस्तावेज व कब्जाधारी को संरक्षण देने वाले सफेदपोशों के नाम सबूत सहित मांगे थे। आप जानकर हैरान होंगे कि विलेज ईरा के इस अभियान को प्रदेशभर से  इतना पुरजोर समर्थन मिला कि हमारे पास प्रदेश के गाँव-गाँव से हजारों अवैध कब्जों की फोटो, वीडियो उससे जुड़े दस्तावेज व यहाँ तक कि कब्जाधारियों के राजनीतिक कनेक्शन के सबूत भी आए। पंचायती जमीन के लुटेरों को हम बहुत जल्द ही बेनकबाब करन वाले हैं और आपको ये भी बताएंगे कि किस कब्जाधारी पर किस नेता का आशीर्वाद है। हमारे पास पाठकों ने हर वह सबूत भेजा है जो सफेदपोशों की पोल खोल देगा कि फ्लां-फ्लां कब्जाधारी किस नेता का करीबी है और वह उस नेता की ही बदौलत अवैध कब्जा किए हुए है। 

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